पोस्ट-पैनडेमिक इंटिमेसी ट्रेंड्स: भारतीय जोड़ों में घटी सेक्स की फ्रीक्वेंसी लेकिन बढ़ी क्वालिटी
भारतीय जोड़ों के सेक्स लाइफ पर महामारी का असर, घटी फ्रीक्वेंसी लेकिन बढ़ी क्वालिटी। जानें क्या हैं नए इंटिमेसी ट्रेंड्स। Think India News की स्टडी ...
मुंबई, 10 जुलाई 2026 (Think India News): कोरोना महामारी के छह साल बाद भारतीय शहरी जोड़ों के यौन जीवन पर हुए दीर्घकालिक प्रभावों का अध्ययन करने वाली एक स्टडी के नतीजे चौंकाने वाले और उम्मीद जगाने वाले दोनों हैं। 'इंडियन जर्नल ऑफ सेक्सुअल मेडिसिन' में प्रकाशित इस शोध के अनुसार, 2020 से पहले की तुलना में जोड़ों के बीच शारीरिक संबंध बनाने की आवृत्ति में 25% की कमी आई है, लेकिन इस दौरान यौन संतुष्टि और भावनात्मक जुड़ाव की गुणवत्ता में 40% का सुधार हुआ है।
अध्ययन के मुख्य निष्कर्ष:
- वर्क-फ्रॉम-होम और बढ़ते स्क्रीन टाइम ने थकान और तनाव बढ़ाया, जिससे सेक्स ड्राइव प्रभावित हुई।
- लेकिन जिन जोड़ों ने एक-दूसरे के साथ 'क्वालिटी टाइम' बिताने और मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया, उनके रिश्ते अधिक मजबूत हुए।
- 30-45 आयु वर्ग के जोड़ों में 'स्लो सेक्स' और 'माइंडफुल इंटिमेसी' जैसी अवधारणाएँ तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं।
विशेषज्ञ की राय:
रिलेशनशिप काउंसलर डॉ. गीतांजलि शर्मा ने Think India News को बताया, "महामारी ने हमें सिखाया कि सेक्स सिर्फ एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि भावनात्मक अंतरंगता का गहरा माध्यम है। आज के जोड़े परफॉर्मेंस की बजाय कनेक्शन पर जोर दे रहे हैं, और यही वजह है कि कम फ्रीक्वेंसी के बावजूद वे पहले से ज्यादा खुश हैं।"
डिजिटल डिटॉक्स का महत्व:
रिपोर्ट यह भी सलाह देती है कि जोड़े सप्ताह में कम से कम एक दिन 'डिजिटल डिटॉक्स' करें और बेडरूम में फोन ले जाने से बचें, क्योंकि यह आदत अंतरंगता की सबसे बड़ी दुश्मन साबित हो रही है।

